Sunday, 8 July 2018

Babam.ve.Oglum तुर्की भाषा की इतनी प्यारी-परिपक्व फ़िल्म है कि इसे बार-बार देखते हैं, बार-बार पसंद आती है, हर बार आँखें भीगती हैं और हमेशा सराहते हैं।
पिता-पुत्र संबंध पर तो इतनी सुंदर शायद ही कोई फ़िल्म हो!
गहरे अर्थों में मनोवैज्ञानिक... अपने देश की तरह का सामाजिक ताना-बाना...प्यारे-से रिश्ते...बचपन की आँखों से दुनिया... मां की आंख से बेटा और पोता....बेटे से नाराज व्यक्ति को पोते के माध्यम से पिघलाना/पिघलना... बहन-बहन का रिश्ता... भाई-भाई का रिश्ता...सब कुछ इतने विश्वसनीय तरीके से, इतनी कोमलता से दर्शाया है कि अगर एक सम्पूर्ण फ़िल्म का नाम पूछा जाय तो इसी का नाम लेंगे हम।
अगर फ़िल्म को एक माध्यम के रूप में सराहते हैं तो इसे ज़रूर देखिये।
कभी न भूलने वाला अनुभव मिलेगा।
व्यक्ति के रूप में आप थोड़े समृद्ध भी होंगे।

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