प्रेम जिसने अपनी तीव्रता से ही नहीं अपने फैलाव और सातत्य से जीवन को संवारा, प्रेम जिसने संवेदनाओं को गहनता दी, जिसने साहस और उच्च ध्येय के लिए प्रेरित किया, प्रेम जिसने बीच-बीच में कमजोर होना सिखाया, प्रेम जिसने व्यक्तिगत सीमा का अतिक्रमण किया, प्रेम जिसने समाज के प्रति जिम्मेदार होने का भाव दिया को क्या एक दिन...एक व्यक्ति के लिए सीमित होने देना ठीक है?