टैक्स जस्टिस नेटवर्क की ताज़ा अध्यनन रिपोर्ट कहती है कि ऑफशोर टैक्स ३२ ट्रिलियन डॉलर है. यह इतना अधिक है कि विश्व के तमाम विकासशील देश कर्जमुक्त हो जायेंगे. साथ ही कुछ और चौंकाने वाली बातें भी इसमें हैं जैसे आज भी अफ्रीका से जितना धन बाहर जाता है उससे कम कहीं सहायता के लिए पश्चिमी दुनिया से उसके पास आता है. अनुपात ३:१ का है. तो वैश्वीकरण के असंख्य दावे कि वे तीसरी दुनिया का उद्धार कर रहे हैं...झूठ और छल है...और अधिक लूटने का. पश्चिम की समृद्धि में एशिया और अफ्रीका का कच्चा मॉल और श्रम न सिर्फ पहले लगा बल्कि अब भी यह प्रक्रिया रुकी नहीं. पर चूंकि संचार साधनों और यहाँ तक कि सारे प्रभावी सांस्कृतिक उत्पादों पर पश्चिमी दुनिया का वर्चस्व है इसलिए यह और तमाम इस जैसे सत्य मुखर होकर सामने नहीं हो पाते.
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